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तोपों की सलामी का इतिहास : किसे, क्यों और कितने तोपों की सलामी दी जाती है ?

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तोपों की सलामी का इतिहास

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तोपों की सलामी का इतिहास : किसे, क्यों और कितने तोपों की सलामी दी जाती है ?

तोपों की सलामी का इतिहास काफ़ी रोचक है. आपने 21 तोपों की सलामी के बारे सुना या देखा होगा, लेकिन क्या आप जानते है की किसे कितनी सलामी दी जाती है. भारत ही नहीं पूरी दुनिया के कई देशों में तोप से सलामी दी जाती है. सलामी शब्द आपने कई बार सुना होगा लेकिन दुनिया के अलग अलग देशों में अलग सलामी दी जाती है. भारत में तोपों की सलामी तीन प्रकार से दी जाती है. सलामी की पूरी ABCD समझिये सिर्फ एक मिनट में. पढ़िए विस्तृत रिपोर्ट.

तोपों की सलामी का इतिहास
तोपों की सलामी का इतिहास

आम जन जीवन में आसपास ऐसी कई घटनाए होती है जिनके बारे सुनते है पर उनका इतिहास नहीं जानते. जैसे भारत का स्तब्ध चिन्ह, क्रिकेट से पहले राष्ट्रगान या अन्य हलचल. ऐसे तमाम चीजों का अपना एक रोमांचक इतिहास होता है. हम देखते सुनते जरूर है पर इतिहास से अपरिचित होते है. उन्ही घटनाओं में से एक है तोप की सलामी. भारत में राष्ट्रपति, सेना अधिकारी और वरिष्ठ नेताओं के अंतिम संस्कार के समय 21 तोपों की सलामी दी जाती है. भारत में विदेशी प्रमुख को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के समय राज्य के मुखिया को भी सलामी 19 दी जाती है. सेना प्रमुख (आर्मी, नेवी, एयरफोर्स) को 17 तोप की सलामी दी जाती है.

कई देशों में सलामी की संख्या 21 तोपों तक ही सिमित रखा है, भारत में गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी जाती है. आज राष्ट्रपति के अलावा राजनीति, क़ानून, साहित्य, विज्ञान और कला के क्षेत्र के लोगों को भी राजकीय सम्मान दिया जाता है. सबके सलामी के नियम अलग अलग निर्धारित किये गए है. इतिहासकारों का मानना है की सलामी का चलन 14 वीं शताब्दी में शुरू हुआ था. उस समय समुद्री रास्ते से गुजरने वाली सेना दूसरे देश को तोप फायर करके सन्देश देती थी. 7 तोपें फायर करके दूसरे सेना को बताया जाता था की वो दुश्मन नहीं है. सेना के बाद व्यापारी जहाजों ने भी अपने बचाव के लिए यह तरीका अपनाया.

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17 वीं शताब्दी तक सिर्फ समुद्री सेना कुछ खास अधिकारीयों के सम्मान में तोप की सलामी देती थी. 21 तोपों की सलामी का रिवाज़ सबसे पहले ब्रिटिश सेना ने शुरू किया. बिरिटीश सेना द्वारा शाही परिवार के सम्मान शुरू की गई यह परम्परा 18 वीं शताब्दी तक अमेरिका और उसके बाद भारत में आई. शुरुआत में ब्रिटिश सम्राट को 100 तोपों की सलामी दी जाती थी. अमरीका में पहली बार 1842 में राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी अनिवार्य कर दी गई. भारत के राजाओं को 31 या फिर 21 तोपों की सलामी दिया जाता था. गार्ड ऑफ़ ऑनर के लिए 21, 19, 17 अलग-अलग संख्या में तोपों की सलामी दी जाती है.
21-topo-ki-salami-kyu

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