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तथ्य बिना सत्य नहीं

दिल्ली दंगा चार्जशीट : फ्लैट बेचकर लंगर खिलाने वाले पर दंगा भड़काने का आरोप !

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ds bindra anti caa protester

ds bindra anti caa protester

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दिल्ली दंगा : फ्लैट बेचकर लंगर खिलाया, बाद में फिर दंगा करवाया ?

* * मानवता का मसीहा निकला दंगाबाज़ !
* जो मीडिया का लाडला था, अब ख़बरों से गायब क्यों है ?

फरवरी 2020 में दिल्ली दंगे के समय एक बड़ा तबका इसे मुस्लिम विरोधी दंगा साबित करने पर तुला था, वही लोग दंगे की जांच पर सवाल भी उठा रहे है. उनके सवालों का कारन शायद वही है जिनका उन्हें डर था. यही वजह थी दंगे शुरू होने के चाँद घंटे बाद ही सोशल मीडिया पर दंगो से जुड़ी भ्रामक खबरों की भरमार लग गयी. बिना किसी जाँच के इसे मुस्लिमो विरोधी दंगा साबित करने के लिए एकतरफा ख़बरें प्लांट होने लगी. उन्हें मालूम था की दंगे क्यों हुए ? किसने भड़काए ? शुरुआत कहाँ से हुई ? अगर इसकी जांच होगी तो इसका सीधा कनेक्शन (एंटी सीई ) प्रोटेस्ट से जुड़ेगा. बस इसी वजह से एक तबका शुरुआत से ही गुमराह करने वाली एकतरफा बाटे करता रहा है.

delhi riots petroling
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दंगो की “राजनीति” मे “मीडिया” कि भूमिका !
क्या है दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में ?
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रंच की टीम ने दिल्ली दंगा मामले में जो चार्जशीट दायर किया है उसमे कई चौकाने वाले नाम और तथ्य सामने आये है. 1100 पन्नो की चार्जशीट में विस्तार से बताया गया है की दंगो की प्लानिंग कहाँ से किसने और कब की. दिल्ली पुलिस ने की चार्जशीट में कुछ ऐसे नाम भी जो Anti CAA प्रदर्शन के दौरान मसीहा बनकर सामने आए थे. आपको याद है एक सरदार जी ने प्रदर्शनकारियों को लंगर खिलाने के लिए अपना फ्लैट बेच दिया था. उनका नाम दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में दंगा भड़काने के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल है. रिपोर्ट में लिखा गया है 23 फरवरी को चांदबाग में एक बैठक हुई जिसमे अगले दिन 24 फरवरी को क्या करना है ये तय हुआ. याद रखिये 24 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प दिल्ली में थे. 24 तारीख की घोषणा एक हफ्ते पहले मंच से जेनएयू छात्र नेता उम्र खालिद ने मंच से किया था. 23 फरवरी को बने प्लान के मुताबिक 24 फरवरी को दोपहर 1 बजे दंगे शुरू हो गए थे. दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल रतन लाल इसी जगह दंगाइयों से अपने सीनियर को बचाते हुए शहीद हो गए और कई पुलिस वाले गंभीर रूप से घायल हुए थे.
painting ankit sharma murder
painting ankit sharma murder delhi riots

दिल्ली दंगा चार्जशीट और डीएस बिंद्रा !
दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में 17 लोगों को आरोपी बनाया है. पुलिस ने चार्जशीट में बताया है की जानबूझकर देश की छवि ख़राब करने के लिए दंगे करवाए गए. चार्जशीट के 17 के आरोपितों में से एक नाम डीएस बिंद्रा का भी है. वही डीएस बिंद्रा जो फरवरी मार्च 2020 में पुरे देश में सोशल मीडिया से लेकर टेलीविज़न चैनेलो तक पर छाए रहे. अपना फ्लैट बेचकर प्रदर्शनकारियों के लिए लंगर चलने वाले डीएस बिंद्रा को लिबरल लोगों ने मुस्लिम सिख एकता की मिशाल बनाकर पेश किया. दिल्ली पुलिस ने डीएस बिंद्रा को कांस्टेबल रतन लाल की हत्या समेत दंगे भड़काने तक के मामले में मुख्य आरोपी बनाया है. डीएस बिंद्रा मुस्तफाबाद में एंटी सीएए प्रोटेस्ट का नेतृत्व कर रहे थे. पुलिस ने डीएस बिंद्रा का नाम चार्जशीट में आरोपित लोगो से पूछताछ और छानबीन करने के बाद डाला है.

ds bindra anti caa protester
ds bindra anti caa protester


रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने स्वीकार किया है की चांदबाग दंगे में उनके साथ डॉक्टर रिज़वान, अतहर, शादाब, उपासना, डीएस बिंद्रा शामिल थे. चार्जशीट में इस बात का खुलाशा हुआ है की 22 फरवरी को 50 लोगों की एक बैठक हुई जहाँ हिंसा की साजिश रची गई, उसमे बताया गया की बच्चे और बुजुर्ग 24 तारीख को घर से न निकले. ऐसे में सवाल मीडिया की भूमिका पर भी है, फ्लैट बेचने वाले सरदार के बारे ये क्यों नहीं बताया की वो अससुद्दीन ओवैसी की पार्टी से जुड़े है ? मानवता के सेवक पर जब इतने गंभीर आरोप लगे तो उसकी चर्चा क्यों नहीं ?

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