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तथ्य बिना सत्य नहीं

सॉरी आसिफ क्यों ? पानी तो बहाना है, मंदिर असली निशाना है ?

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सॉरी आसिफ क्यों ?

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सॉरी आसिफ क्यों ? पानी बहाना है, मंदिर असली निशाना है ?

सॉरी आसिफ क्यों ? ये सवाल आसिफ के पक्ष में ट्वीटर ट्रेंड कराने के बाद से पूछा जा रहा है. गाज़ियाबाद में एक लड़के की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद आसिफ के साथ सहानुभूति जताते हुए सोशल मीडिया पर खूब लिखा जा रहा है. आरोप है की आसिफ (मुस्लिम) पानी पिने मंदिर में घुसा था जिसके बाद एक लड़के ने पिटाई कर दी. आरोपी और पीड़ित दोनों नाबालिक है और पीटने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है. लेकिन ये सब सिर्फ एकतरफा जानकारी के आधार पर हो रहा है. अधिकांश लोगों ने सिर्फ 20 सेकंड के वीडियो पर फैसला कर लिया. आसिफ से सहानुभूति रखने वालों में सबसे ज्यादा हिन्दू है. वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में दूसरे पक्ष ने चौकाने वाले खुलासे किया है. दूसरी पक्ष की बात सुनकर ऐसा लगता है की पानी तो बहाना है, हिन्दू धर्म और मंदिर असल निशाना है.

सॉरी आसिफ क्यों ?
सॉरी आसिफ क्यों ?

पिछले कुछ सालो में देश में बहुत कुछ बदला है. विरोध प्रदर्शनों में बुजुर्ग महिलाओं और बच्चो का इस्तेमाल करना हो या अपराध करने में बच्चो का इस्तेमाल. याद कीजिये कठुआ रेप केस के बाद पुरे देश में ये माहौल बनाने की कोशिश हुई की मंदिरों में बलात्कार होते है. ये मामला भी कुछ ऐसा ही है जहाँ आसिफ के पिटाई के वीडियो के दम पर मंदिर के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है. एक तरफ देश में मंदिरों के सरकारी चुंगल से मुक्त करने का अभियान चल रहा है तो दूसरी तरफ वामपंथी इस्लामी गठजोड़ मंदिरों के बहाने हिन्दुओं को अपमानित करने का अभियान चला रहे है. इस पुरे मामले पिटाई का समर्थन कोई नहीं कर सकता. अगर आसिफ ने कुछ गलत किया था तो उसे पुलिस के हवाले किया जा सकता था. ये मामला गाज़ियाबाद के डासना में स्थित देवी मंदिर का है. वीडियो सामने आते ही स्वरा भास्कर, भीम आर्मी समेत पूरा वामपंथी खेमा मंदिरों के बहाने हिन्दुओ को टारगेट करने लगा.

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वायरल वीडियो के बाद जब कुछ पत्रकारों ने दूसरे पक्ष को सामने रखा तो चीजें स्पष्ट हो गई. मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा वो यहाँ पानी पिने नहीं आया था. आपको बता दें की यह मंदिर जहाँ स्थित है वहां 90 फीसदी आबादी मुस्लिम समुदाय की है. पुजारी समेत स्थानीय लोगो का आरोप है की इनके बच्चे अक्सर मंदिर में छेड़खानी करने आते है. मायावती के समय ही मंदिर में गेट लगवाया गया और बहार बोर्ड पर लिखा गया की “मंदिर में मुस्लिमो का प्रवेश वर्जित है.” पुजारी का कहना है की पिछले वर्ष यहाँ के विधायक असलम चौधरी का बेटा मंदिर में लड़की छेड़ रहा था, जिसकी पिटाई हुई थी। मंदिर में कई बार चोरी हो चुकी है, एक पुजारी की हत्या भी हो चुकी है लेकिन मीडिया तब नहीं आया था. उनका कहना है की वो पूरी दुनिया के मुसलमानो का मंदिर में स्वागत करेंगे अगर वो पूजा पाठ करने आये.

Asif case gaziabad

मंदिर के पुजारी ने बताया की दूसरे गांव से भी महिलाएं इस मंदिर में आती है हमारी बहन-बेटियों के साथ छेड़खानी होती है, हिन्दू प्रतिमाओं को अपमानित किया जाता है. ये बच्चे चोरी करने से पहले मंदिर के अंदर रेकी करने आते है. पुजारी को PFI से धमकियाँ मिल चुकी है. मंदिर के बाहर भी पानी की व्यवस्था है और सड़क के दूसरी तरफ भी पानी का नल है फिर वो अपनी प्यास बुझाने मंदिर के अंदर ही क्यों आया ? इलाके में कई मस्जिद है लेकिन वो पानी पिने वहां क्यों नहीं गया ? उन्होंने कहा कि जिसकी पिटाई हुई वो बच्चा नहीं था, डॉक्टर तोमर को भी नाबालिगों ने ही मारा था, यहाँ नाबालिग हत्याएँ करते हैं। उनका आरोप है की आसिफ यहाँ चोरी करने आया था पकडे जाने पर उसने पानी पिने का बहाना बनाया. वो कहते है की पानी तो सिर्फ बहाना है, वामपंथियों के लिए मंदिर असली निशाना है.

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