The FactShala

तथ्य बिना सत्य नहीं

DSP शैलेन्द्र कुमार सिंह को मुख़्तार के लिए मुलायम ने जेल भेजा, योगी ने बाहर निकाला !

1 min read
DSP शैलेन्द्र कुमार सिंह

DSP शैलेन्द्र कुमार सिंह

The FactShala

DSP शैलेन्द्र कुमार सिंह को मुख़्तार के लिए मुलायम ने जेल भेजा, योगी ने बाहर निकाला !

मुख़्तार अंसारी की वजह से पूर्व DSP शैलेन्द्र कुमार सिंह चर्चा में है. शैलेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत उनके संघर्ष में साथ देने वाले का धन्यवाद दिया है । उत्तर प्रदेश के निडर और जाबांज पुलिस अफसर में शुमार शैलेन्द्र को मुलायम सिंह सरकार ने जेल भेज दिया था. उनके जेल जाने की असली वजह मुख़्तार अंसारी था. शैलेन्द्र सिंह की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा ने सिर्फ उनकी नौकड़ी नहीं छीनी बल्कि उल्टा उन्हें सलाखों के पीछे पंहुचा दिया था. अपराध और राजनीती के सांठगांठ ने कैसे एक होनहार अधिकारी को तबाह कर दिया ?

DSP शैलेन्द्र कुमार सिंह
DSP शैलेन्द्र कुमार सिंह

उत्तर प्रदेश के बाहुबली और बीएसपी सांसद मुख़्तार अंसारी को हाल ही सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को सौपने का आदेश दिया है. गौरतलब है की मुख़्तार अंसारी अभी पंजाब के जेल में बंद है जिसे वहां की कांग्रेस सरकार पर बचाने के आरोप लग रहे है. dsp शैलेन्द्र इसी मुख़्तार की वजह से जेल गए थे. लगभग 17 साल बाद योगी सरकार ने उनके ऊपर दर्ज मुकदमे वापस लिए है. मुख़्तार अंसारी के रसूख का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है की यूपी में सरकार किसी की भी हो उसका ख्याल सब रखते थे. आज भी कांग्रेस की मेहरबानी का कारन वही है. अंसारी मायावती और मुलायम सिंह दोनों का करीबी रहा है. शैलेन्द्र सिंह का किस्सा मुलायम सरकार से जुड़ा है.

SC/ST एक्ट का दुरुपयोग : ब्राम्हण होने की सजा 20 साल, योगी के खिलाफ भी मामला दर्ज !

2004 में मुख़्तार अंसारी के घर छापेमारी LMG राइफल मिलने से प्रदेश में तहलका मच गया. यह हथियार सिर्फ सेना के पास होता है. जनवरी 2004 में वे यूपी STF की वाराणसी यूनिट के प्रभारी डिप्टी एसपी थे। उन्होंने भाजपा विधायक कृष्णनंदन राय हत्याकांड में अहम खुलासा किया था। फरवरी 2004 में शैलेन्द्र ने राज्यपाल विष्णुकांत शास्त्री को पात्र लिखकर LMG मामले से मुख़्तार अंसारी का नाम हटाने के लिए दबाव बनाने की शिकायत की ।

Dy SP Shailendra kumar Singh

दरअसल विधायक कृष्णनंदन राय हत्याकांड में छानबीन के सिलसिले में इस LMG की बरामदगी की गई थी. इस हत्याकांड के लिए मुख्तार अंसारी ने ‘लाइट मशीनगन (LMG)’ की खरीद की थी। आरोप है की सरकार शैलेन्द्र के इस कदम से नाराज़ थी और मुख़्तार पर लगाए गए POTA एक्ट हटाने का दबाव बनाया जाने लगा था। शैलेन्द्र सिंह ने सरकार की बात मानने के बजाय यूपी पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया । उनके इस कदम ने सरकार और नाराज़ हो गई. इस्तीफे के कुछ महीने बाद ही उनके खिलाफ वाराणसी कैंट थाने में शिकायत दर्ज की गई. DM कार्यालय के एक कर्मचारी ने शैलेश पर डीएम दफ्तर तोड़फोड़ और मारपीट करने की FIR दर्ज कराई गई थी। शिकायत के फ़ौरन बाद जिस तेजी से उनके खिलाफ कार्यवाई कर जेल भेजा गया उसने सरकार की मंसा स्पष्ट कर दी. अब इस केस को योगी आदित्यनाथ सरकार ने वापस ले लिया है।

शैलेन्द्र सिंह ने इस पर ख़ुशी जताते हुए धन्यवाद् किया है. उन्होंने लिखा है :-
2004 में जब मैनें माफिया मुख्तार अंसारी पर LMG केस में POTA लगा दिया था, तो मुख्तार को बचाने के लिए तत्कालीन सरकार ने मेरे ऊपर केस खत्म करने का दबाव बनाया। जिसे न मानने के फलस्वरूप मुझे Dy SP पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। इस घटना के कुछ महीने बाद ही तत्कालीन सरकार के इशारे पर, राजनीति से प्रेरित होकर मेरे ऊपर वाराणसी में अपराधिक मुकदमा लिखा गया और मुझे जेल में डाल दिया गया। लेकिन जब मा. योगी जी की सरकार बनी तो, उक्त मुकदमे को प्राथमिकता के साथ वापस लेने का आदेश पारित किया गया, जिसे मा. CJM न्यायालय द्वारा 6 मार्च, 2021 को स्वीकृति प्रदान की गई। मा. न्यायालय के आदेश की नकल आज ही प्राप्त हुई।
मैं और मेरा परिवार मा. योगी जी की इस सहृदयता का आजीवन ऋणी रहेगा। संघर्ष के दौरान मेरा साथ देने वाले सभी शुभेक्षुओं का, हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
जय हिंद 🙏 See less

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *